Bihar Board Class 7 Hindi Chapter 6 Solutions available here. Get complete question answers of chapter 6 – “शाम – एक किसान” from new Hindi book – वसंत (Vasant).
“शाम – एक किसान” बिहार बोर्ड कक्षा 7 हिंदी पाठ्यक्रम का छठा अध्याय है, जो प्रसिद्ध कवि सर्वेश्वरदयाल सक्सेना द्वारा रचित एक भावपूर्ण कविता है। इस कविता में एक परिश्रमी किसान की शाम की दिनचर्या का मार्मिक चित्रण किया गया है जो पूरे दिन की मेहनत के बाद थका-हारा घर लौटता है। छात्र इस कविता से श्रम की महिमा, किसानों के जीवन की कठिनाइयाँ और उनके त्याग के बारे में जानेंगे। “शाम – एक किसान” अध्याय के सभी प्रश्नोत्तर यहाँ उपलब्ध हैं।

Bihar Board Class 7 Hindi Chapter 6 Solutions
| Subject | Hindi – वसंत (Vasant) |
| Class | 7 |
| Chapter | 6. शाम – एक किसान |
| Board | Bihar Board |
कविता से
प्रश्न 1. इस कविता में शाम के दृश्य को किसान के रूप में दिखाया गया है—यह एक रूपक है। इसे बचाने के लिए पाँच एकरूपताओं की जोड़ी बनाई गई है। उन्हें उपमा कहते हैं। पहली एकरूपता आकाश और साफ़े में दिखाते हुए कविता में ‘आकाश का साफ़ा’ वाक्यांश आया है। इसी तरह तीसरी एकरूपता नदी और चादर में दिखाई गई है, मानो नदी चादर-सी हो। अब आप दूसरी, चौथी और पाँचवी एकरूपताओं को खोजकर लिखिए।
उत्तर —
दूसरी एकरूपता – चिलम सूरज-सी
चौथी एकरूपता – पलाश के जंगल की अंगीठी
पाँचवीं एकरूपता – अंधकार पेड़ों का गल्ला
प्रश्न 2. शाम का दृश्य अपने घर की छत या खिड़की से देखकर बताइए।
(क) शाम कब से शुरू हुई ?
(ख) तब से लेकर सूरज डूबने में कितना समय लगा?
(ग) इस बीच आसमान में क्या-क्या परिवर्तन आए।
उत्तर –
(क) शाम सूरज के धीरे-धीरे पश्चिम की ओर झुकने के साथ शुरू हुई।
(ख) सूरज डूबने तक लगभग एक से डेढ़ घंटे का समय लगा।
(ग) इस दौरान आसमान का रंग बदलता गया। पहले हल्की नारंगी रोशनी फैली, फिर आसमान में लाल और बैंगनी रंग के बादल दिखाई देने लगे। धीरे-धीरे अंधेरा छाने लगा।
प्रश्न 3. मोर के बोलने पर कवि को लगा जैसे किसी ने कहा हो–‘सुनते हो’। नीचे दिए गए पक्षियों की बोली सुनकर उन्हें भी एक या दो शब्दों में बाँधिए-
उत्तर –
कबूतर – “कहाँ जा रहे हो?”
कौआ – “सावधान रहो!”
मैना – “कैसे हो?”
तोता – “हैलो!”
चील – “ऊपर देखो!”
हंस – “क्या बात है!”
कविता से आगे
प्रश्न 1. इस कविता को चित्रित करने के लिए किन-किन रंगों का प्रयोग करना होगा?
उत्तर – इस कविता को चित्र में दिखाने के लिए पीला, लाल, आसमानी, नीला, भूरा, सफेद, नारंगी, हरा और काला रंग इस्तेमाल करना चाहिए। ये रंग शाम के समय आकाश, पेड़-पौधे, खेत, सूरज और अंधेरे को दिखाने के लिए जरूरी हैं।
प्रश्न 2. शाम के समय ये क्या करते हैं? पता लगाइए और लिखिए –
पक्षी, खिलाड़ी, फलवाले, माँ, पेड़-पौधे, पिता जी, किसान, बच्चे
उत्तर –
(i) पक्षी – शाम होते ही चहचहाते हुए अपने घोंसलों की ओर लौटते हैं।
(ii) खिलाड़ी – शाम को खेल खत्म करके आराम करते हैं।
(iii) फलवाले – जल्दी-जल्दी फल बेचकर घर जाने की तैयारी करते हैं।
(iv) माँ – घर के काम निबटाकर सबके लिए खाना बनाती है और परिवार के साथ समय बिताती है।
(v) पेड़-पौधे – शाम होते ही शांत हो जाते हैं, जैसे दिनभर की थकान के बाद आराम कर रहे हों।
(vi) पिता जी – दफ्तर या काम से घर लौटते हैं और बच्चों के साथ बैठकर बातें करते हैं।
(vii) किसान – खेतों में दिनभर काम करके थके-हारे घर लौटते हैं।
(viii) बच्चे – शाम को खेलते हैं, टी.वी. देखते हैं और फिर पढ़ाई या परिवार के साथ समय बिताते हैं।
प्रश्न 3. हिंदी के एक प्रसिद्ध कवि सुमित्रानंदन पंत ने संध्या का वर्णन इस प्रकार किया है –
संध्या का झुटपुट
बाँसों का झुरमुट
है चहक रही चिड़ियाँ
टी-वी-टी टुट्-टुट्
ऊपर दी गई कविता और सर्वेश्वरदयाल जी की कविता में आपको क्या मुख्य अंतर लगा? लिखिए।
उत्तर – सुमित्रानंदन पंत की कविता में शाम के समय चिड़ियों की आवाज़ और बाँसों के झुरमुट का हल्का और शांत दृश्य दिखाया गया है। यह कविता छोटी और सीधी है। जबकि सर्वेश्वरदयाल सक्सेना की कविता में शाम को एक किसान के रूप में कल्पना की गई है। उसमें आकाश, सूरज, नदी और पेड़ जैसे प्राकृतिक दृश्यों का विस्तार से सुंदर चित्रण किया गया है।
अनुमान और कल्पना
प्रश्न 1. शाम के बदले यदि आपको एक कविता सुबह के बारे में लिखनी हो तो किन-किन चीजों की मदद लेकर अपनी कल्पना को व्यक्त करेंगे? नीचे दी गई कविता की पंक्तियों के आधार पर सोचिए –
पेड़ों के झुनझुने
बजने लगे;
लुढ़कती आ रही है
सूरज की लाल गेंद।
उठ मेरी बेटी, सुबह हो गई।
उत्तर –
सुबह हो गई है।
सूरज की लाल गेंद धीरे-धीरे आसमान में चढ़ रही है।
पेड़ों की पत्तियाँ हिल रही हैं, जैसे वे झुनझुने बजा रही हों।
ठंडी हवा चल रही है।
पंछी चहचहाने लगे हैं।
घर में माँ की आवाज गूंजती है – “उठो मेरी बेटी, सुबह हो गई।”
बेटी कहती है – “माँ, थोड़ी देर और सोने दो।”
भाषा की बात
प्रश्न 1. नीचे लिखी पंक्तियों में रेखांकित शब्दों को ध्यान से देखिए –
(क) घुटनों पर पड़ी है नदी चादर-सी
(ख) सिमटा बैठा है भेड़ों के गल्ले-सा
(ग) पानी का परदा-सा मेरे आसपास था हिल रहा
(घ) मँडराता रहता था एक मरियल-सा कुत्ता आसपास
(ङ) दिल है छोटा-सा छोटी-सी आशा
(च) घास पर फुदकवी नन्ही-सी चिड़िया।
इन पंक्तियों में सा/सी का प्रयोग व्याकरण की दृष्टि से कैसे शब्दों के साथ हो रहा है?
उत्तर – इन पंक्तियों में “सा” और “सी” का प्रयोग तुलना के लिए किया गया है। यह शब्द संज्ञा और विशेषण के साथ जुड़े हैं। जैसे – चादर, गल्ला, परदा, कुत्ता, दिल, आशा, चिड़िया ये सभी संज्ञा शब्द हैं और छोटा, नन्ही, मरियल जैसे शब्द विशेषण हैं। “सा/सी” इन शब्दों से मिलकर तुलना का भाव प्रकट कर रहे हैं।
प्रश्न 2. निम्नलिखित शब्दों का प्रयोग आप किन संदर्भों में करेंगे? प्रत्येक शब्द के लिए दो-दो संदर्भ (वाक्य) रचिए –
आँधी, दहक, सिमटा
उत्तर –
- आँधी –
शाम को अचानक तेज़ आँधी चलने लगी।
वह गुस्से में आँधी की तरह कमरे में घुसा।
- दहक –
चूल्हे में कोयले तेज़ी से दहक रहे थे।
उसकी आँखों में गुस्से की दहक साफ़ दिख रही थी।
- सिमटा –
बच्चा डर कर माँ की गोद में सिमट गया।
ठंड के कारण सब लोग रजाई में सिमटकर बैठे थे।