UP Board Class 7 Civics Chapter 4 Solutions – न्यायपालिका – कानून का पालन करना

Get our free guide on UP Board class 7 Civics chapter 4 here. This is our expert written comprehensive set of solutions. Using this guide, you can answer all the questions asked in chapter 4 – “न्यायपालिका – कानून का पालन करना”.

इस अध्याय में हम जानेंगे कि न्यायपालिका किस प्रकार सुनिश्चित करती है कि लोग कानून का पालन करें और कानूनी विवादों को निपटाया जाए। हम न्यायपालिका की संरचना, उसके विभिन्न स्तरों और उनकी शक्तियों एवं कार्यों के बारे में समझेंगे। साथ ही, हम न्यायाधीशों की नियुक्ति प्रक्रिया और न्यायालय द्वारा निर्णय लेने की प्रक्रिया के बारे में भी पढ़ेंगे।

UP Board Class 7 Civics Chapter 4

UP Board Class 7 Civics Chapter 4 Solutions

SubjectCivics
Class7th
Chapter3. कार्यपालिका – कानून लागू करना
BoardUP Board

प्रश्न 1. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए-

(क) एफ.आई.आर. कहाँ और कब दर्ज किया जाता है ?

उत्तर: एफ.आई.आर. (प्रथम सूचना रिपोर्ट) किसी अपराध की जानकारी मिलने पर पुलिस थाने में दर्ज की जाती है। इसमें अपराध की प्रकृति, अपराधी का विवरण, घटनास्थल और समय का उल्लेख किया जाता है। गवाहों के नाम भी शामिल होते हैं। एफ.आई.आर. आगे की जांच का आधार बनती है।

(ख) गिरफ्तारी और सज़ा में क्या अन्तर है ?

उत्तर: गिरफ्तारी किसी व्यक्ति को हिरासत में लेना होता है जबकि सजा न्यायालय द्वारा दी जाने वाली दंड की प्रक्रिया है। गिरफ्तारी जांच के दौरान की जाती है लेकिन सजा केवल दोषसिद्धि के बाद ही दी जाती है।

(ग) जमानत किस प्रकार दी जाती है ?

उत्तर: जमानत एक प्रक्रिया है जिसके तहत किसी आरोपी व्यक्ति को न्यायालय की शर्तों पर अंतरिम रूप से रिहा किया जा सकता है। जमानत लेने वाला व्यक्ति यह वचन देता है कि वह आरोपी को निर्धारित तिथि को न्यायालय में पेश करेगा। इस प्रकार जमानत से आरोपी को हिरासत में रहने की आवश्यकता नहीं रहती।

(घ) फौजदारी और दीवानी मामलों में क्या अन्तर है ?

उत्तर: फौजदारी मामले गंभीर अपराधों जैसे हत्या, लूट, बलात्कार आदि से संबंधित होते हैं जिनमें दंड का प्रावधान होता है। दीवानी मामले नागरिक अधिकारों और दावों से संबंधित होते हैं जैसे संपत्ति विवाद, ठेका मामले इत्यादि जिनमें मुआवजा या संपत्ति लौटाने का प्रावधान होता है, सजा नहीं।

(ङ) हमारे लिए न्यायपालिका क्यों महत्त्वपूर्ण है ?

उत्तर: न्यायपालिका हमारे लोकतंत्र की रीढ़ है। यह संविधान और कानूनों की रक्षा करती है तथा नागरिकों के मौलिक अधिकारों की रक्षा करती है। न्यायपालिका ही सरकार और व्यक्तियों के बीच के विवादों को निष्पक्ष रूप से निपटाती है। इसलिए न्यायपालिका का महत्व बहुत अधिक है।

(च) न्यायपालिका की संरचना का वर्णन कीजिए।

उत्तर: भारतीय न्यायपालिका की संरचना पायदान के रूप में है। सबसे नीचे जिला स्तर पर जिला न्यायालय होता है, उसके ऊपर राज्य स्तर पर उच्च न्यायालय और शीर्ष पर सर्वोच्च न्यायालय होता है। सभी न्यायालयों में समान न्यायिक प्रणाली लागू होती है। यह एकीकृत और पायदान संरचना न्याय प्रणाली को मजबूत बनाती है।

(छ) लोक अदालत में किस प्रकार के मुकदमे सुलझाए जाते हैं ?

उत्तर: लोक अदालतें छोटे-मोटे मामलों को जल्दी से निपटाने के लिए गठित की जाती हैं। इनमें मुख्य रूप से वाहन दुर्घटना मामले, भूमि अधिग्रहण विवाद, विवाह विवाद, उपभोक्ता शिकायतें आदि निपटाई जाती हैं। इनका उद्देश्य न्यायालयों पर बढ़ते बोझ को कम करना है।

(ज) उपभोक्ता अदालत किसे कहते हैं ?

उत्तर: उपभोक्ता अदालत एक विशेष न्यायालय है जहां उपभोक्ताओं की शिकायतों का निपटारा किया जाता है। यदि किसी उपभोक्ता को बेची गई वस्तु की गुणवत्ता खराब है, दाम से अधिक लिया गया है या किसी अन्य प्रकार से उसके साथ धोखा हुआ है तो वह उपभोक्ता अदालत में शिकायत दर्ज करा सकता है। अदालत उचित जांच के बाद दोषी व्यापारी/कंपनी को जुर्माना अदा करने का आदेश दे सकती है।

(झ) परिवार न्यायालय की स्थापना क्यों की गई ?

उत्तर: परिवार न्यायालयों की स्थापना विवाह, दहेज़, बाल अपराध जैसे पारिवारिक विवादों को निपटाने के लिए की गई। इन विशेष न्यायालयों में पारिवारिक मुद्दों पर विशेषज्ञता रखने वाले न्यायाधीश होते हैं जो इन संवेदनशील मामलों को पेशेवर तरीके से संभाल सकते हैं।

(ज) जनहित याचिका से आप क्या समझते हैं ?

उत्तर: जनहित याचिका का मतलब किसी लाभ के बिना सामाजिक या सार्वजनिक हित के लिए न्यायालय में याचिका दायर करना है। इसके तहत कोई भी व्यक्ति या संस्था किसी कमजोर वर्ग, बंधुआ मजदूरों, महिलाओं या बच्चों के अधिकारों के हनन पर उच्च/सर्वोच्च न्यायालय में सीधे मुकदमा दायर कर सकता है। जनहित याचिका की मुख्य विशेषता यह है कि उसके लिए औपचारिक कानूनी प्रक्रिया की आवश्यकता नहीं होती और इसका उद्देश्य दुर्बल वर्गों तक न्याय पहुंचाना होता है।

प्रश्न 2. रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए (भरकर)-

उत्तर:
(क) सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश 65 वर्ष की आयु तक ही कार्य कर सकता है।
(ख) जिला न्यायाधीश की नियुक्ति उसे राज्य के राज्यपाल द्वारा की जाती है।
(ग) उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम 1986 के तहत हर भारतीय उपभोक्ता को संरक्षण दिया जाता है।
(घ) मारपीट के मामले फौजदारी मुकदमे कहलाते हैं।

प्रश्न 3. सही मिलान करिए-

उत्तर:

जमीन-जायदाद के मामलेदीवानी मुकदमे
जनपद स्तरीय न्यायपालिकासेशन्स कोर्ट
राज्य स्तरीय न्यायपालिकाउच्च न्यायालय
केन्द्र स्तरीय न्यायपालिकाउच्चतम न्यायालय
Other Chapter Solutions
Chapter 1 Solutions – हमारा संविधान
Chapter 2 Solutions – व्यवस्थापिका-कानून बनाना
Chapter 3 Solutions – कार्यपालिका – कानून लागू करना
Chapter 4 Solutions – न्यायपालिका – कानून का पालन करना

Leave a Comment