UP Board Class 7 Civics Chapter 1 Solutions – हमारा संविधान

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इस अध्याय में हम भारत के संविधान की अवधारणा, इसकी महत्ता और विशेषताओं के बारे में पढ़ेंगे। हम जानेंगे कि संविधान ने हमारे देश को एक संप्रभु, लोकतांत्रिक और धर्मनिरपेक्ष राष्ट्र बनाया है। इसके अलावा, हम संविधान निर्माताओं द्वारा अपनाए गए सिद्धांतों को भी समझेंगे। इस अध्याय के माध्यम से हम संविधान की भूमिका, इसके महत्व और हमारे जीवन पर इसके प्रभाव को बेहतर ढंग से समझ पाएंगे।

UP Board Class 7 Civics Chapter 1

UP Board Class 7 Civics Chapter 1 Solutions

SubjectCivics
Class7th
Chapter1. हमारा संविधान
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प्रश्न 1. निम्नलिखित प्रश्नों में दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर वाले विकल्प के सामने वाले गोले को काला कीजिए-

(क) संविधान सभा के अध्यक्ष थे –

(अ) डॉ० राजेन्द्र प्रसाद
(ब) डॉ० भीमराव अम्बेडकर
(स) सरोजनी नायडू
(छ) एच०बी० कामथ

उत्तर: (अ) डॉ० राजेन्द्र प्रसाद

(ख) मौलिक अधिकारों की संख्या है–

(अ) 10
(ब) 8
(स) 6
(छ) 5

उत्तर: 6

प्रश्न 2. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए-

(क) संविधान सभा के बारे में लिखिए।

उत्तर – भारत को आजादी मिलने के बाद, हमारे देश के लिए एक नया संविधान बनाने की जरूरत महसूस की गई। इसके लिए 1946 में एक संविधान सभा का गठन किया गया। इस सभा में पूरे भारत से आए 389 सदस्य शामिल थे। डॉ. राजेंद्र प्रसाद इस सभा के अध्यक्ष थे। डॉ. बी.आर. अंबेडकर की अध्यक्षता में एक प्रारूप समिति ने संविधान का मसौदा तैयार किया। 26 नवंबर, 1949 को संविधान सभा ने भारत के संविधान को अंगीकार किया।

(ख) संविधान की प्रस्तावना में कहा गया है कि भारत एक पंथ निरपेक्ष राज्य है, इसका क्या अभिप्राय है?

उत्तर – इसका अर्थ है कि भारतीय संविधान किसी एक विशेष धर्म को प्रमुखता नहीं देता है। सभी धर्मों को समान रूप से सम्मान दिया गया है। किसी धर्म को राज्य द्वारा विशेष रूप से नहीं अपनाया गया है।

(ग) भारत लोकतंत्रात्मक राज्य होने के साथ गणराज्य भी है ? स्पष्ट कीजिए।

उत्तर – भारत एक लोकतंत्रिक गणराज्य है। यहां शासन करने वाले लोग जनता द्वारा चुने जाते हैं न कि किसी राजवंश से आते हैं। ये लोग सत्ता में रहते समय जनता के प्रति जवाबदेह होते हैं।

(घ) नागरिकों के लिए मौलिक अधिकार क्यों जरूरी हैं ?

उत्तर – मौलिक अधिकार नागरिकों को उनकी आजादी और गरिमा सुनिश्चित करने के लिए प्रदान किए गए अधिकार हैं। ये अधिकार उनकी व्यक्तिगत स्वतंत्रता और विकास को बढ़ावा देते हैं। इसलिए हर नागरिक के लिए ये अधिकार बहुत महत्वपूर्ण हैं।

(ङ) समानता के अधिकार से आप क्या समझते हैं ? उदाहरण देकर समझाइए।

उत्तर – समानता का अधिकार यह सुनिश्चित करता है कि किसी भी व्यक्ति के साथ उनके जन्म स्थान, लिंग, जाति या धर्म के आधार पर भेदभाव नहीं किया जाएगा। उदाहरण के तौर पर, किसी भी व्यक्ति को किसी दुकान, होटल या सिनेमाघर में प्रवेश से रोका नहीं जा सकता। सरकारी नौकरियों में भी सभी को समान अवसर मिलना चाहिए।उत्तर –

(च) नीति निदेशक तत्व राज्य के लिए क्यों जरूरी हैं ?

उत्तर – नीति निदेशक तत्व राज्य को नागरिकों के कल्याण के लिए क्या करना चाहिए, इसका मार्गदर्शन करते हैं। ये बताते हैं कि राज्य को शिक्षा, रोजगार, परिवहन और सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में क्या कदम उठाने चाहिए।

(छ) मौलिक अधिकार और नीति निदेशक तत्वों में कोई एक अन्तर बताइए।

उत्तर – मौलिक अधिकारों के उल्लंघन के विरुद्ध न्यायालय में मुकदमा किया जा सकता है, लेकिन नीति निदेशक तत्वों पर ऐसा नहीं किया जा सकता। इन तत्वों को अपनाना राज्य पर बाध्यकारी नहीं है।

(ज) संविधान में प्रदत्त ‘स्वतंत्रता के अधिकार’ के अंतर्गत नागरिकों को किस प्रकार की स्वतंत्रताएँ दी गई हैं?

उत्तर – संविधान द्वारा नागरिकों को धर्म की स्वतंत्रता, अपनी संस्कृति और भाषा को विकसित करने की स्वतंत्रता, शिक्षा प्राप्त करने की स्वतंत्रता और समानता का अधिकार प्रदान किया गया है।

(झ) संविधान में दिए गए किन्हीं दो मौलिक कर्तव्यों को लिखिए।

उत्तर – संविधान में दिए गए दो मौलिक कर्तव्य हैं –

  1. संविधान, राष्ट्रीय प्रतीकों और संस्थाओं का आदर करना।
  2. भारत की एकता, अखंडता और संप्रभुता की रक्षा करना।

(ज) हमारे देश के लिए संविधान क्यों महत्वपूर्ण है?

उत्तर – हमारे देश के लिए संविधान महत्वपूर्ण है क्योंकि:-

  1. यह देश के शासन का मूल आधार है और इसमें राज्य के संगठन तथा उसके कार्यों के नियम निहित हैं।
  2. यह नागरिकों के मौलिक अधिकारों और कर्तव्यों को परिभाषित करता है।
  3. यह शक्तियों के विभाजन और संतुलन का प्रावधान करता है ताकि किसी एक अंग द्वारा शक्तियों का दुरुपयोग न हो सके।
  4. यह न्यायपालिका की स्वतंत्रता सुनिश्चित करता है जिससे कानून के शासन को बनाए रखा जा सके।
  5. यह जनतंत्र की रक्षा करता है और सभी नागरिकों को बिना किसी भेदभाव के समान अधिकार प्रदान करता है।

प्रश्न 3. रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए (भरकर)-

उत्तर –

(क) संविधान सभा के प्रारूप समिति के अध्यक्ष डॉ. भीमराव अंबेडकर थे।
(ख) संविधान के द्वारा भारतीय नागरिकों को 11 (ग्यारह) मौलिक कर्तव्य दिए गए हैं।
(ग) मौलिक अधिकारों के हनन पर भारतीय नागरिक न्यायालय की शरण में जा सकता है।

प्रश्न 4. अधिकार और कर्तव्य परस्पर जुड़े हैं। उदाहरण देकर समझाइए।

उत्तर – अधिकार और कर्तव्य एक दूसरे से गहरे रूप से जुड़े हुए हैं। जैसे:-

  • हमें बोलने और अभिव्यक्ति की आजादी का अधिकार है, लेकिन साथ ही यह हमारा कर्तव्य भी है कि हम किसी के भावनाओं को आहत न करें या देश की एकता और अखंडता के विरुद्ध कुछ न बोलें।
  • हमें धर्म की स्वतंत्रता का अधिकार है, लेकिन साथ ही यह हमारा कर्तव्य भी बनता है कि हम अपने धर्म का पालन करते हुए दूसरों के धर्म का भी सम्मान करें।
  • हमें शिक्षा प्राप्त करने का अधिकार है, लेकिन साथ ही हमारा यह कर्तव्य भी बनता है कि हम अनुशासित रहें और शिक्षा प्रणाली के नियमों का पालन करें।
  • हमें व्यवसाय करने की स्वतंत्रता का अधिकार है, लेकिन साथ ही यह हमारा कर्तव्य भी है कि हम कानून का पालन करें और निष्पक्ष व्यापार करें।
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