Bihar Board Class 7 Hindi Durva Chapter 13 Solutions – नृत्यांगना सुधा चंद्रन

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रामविलास तिवारी द्वारा लिखी गई सुधा चंद्रन की जीवनी इस अध्याय में आपको एक ऐसी नृत्यांगना के संघर्ष और साहस से परिचित कराएगी, जिन्होंने कठिनाइयों को पार कर सफलता हासिल की। आप जानेंगे कि कैसे सुधा ने दुर्घटना के बाद भी हार नहीं मानी और नृत्य की दुनिया में नाम कमाया।

Bihar Board Class 7 Hindi Durva Chapter 13 Solutions

Bihar Board Class 7 Hindi Durva Chapter 13 Solutions

SubjectHindi – दूर्वा (Durva)
Class7
Chapter13. नृत्यांगना सुधा चंद्रन
BoardBihar Board

1. पाठ से:

(क) सुधा के स्वप्नों की इंद्रधनुषी दुनिया में अँधेरा कैसे छा गया?

उत्तर: सुधा चंद्रन एक प्रसिद्ध नृत्यांगना बनना चाहती थीं और इसके लिए बहुत मेहनत कर रही थीं। लेकिन एक दिन एक दुर्घटना में उनका पैर इतना बुरी तरह से घायल हो गया कि डॉक्टरों को उनका पैर काटना पड़ा। इस घटना से सुधा के जीवन में अंधेरा छा गया। उनके नृत्य के सपने टूट गए क्योंकि वे सोचती थीं कि एक पैर के बिना वे कभी नृत्य नहीं कर पाएंगी। यह उनके लिए बहुत दुखद समय था। उनकी रंगीन और खुशहाल दुनिया अचानक से दुख और निराशा से भर गई।

(ख) डॉ. सेठी ने सुधा के लिए क्या किया?

उत्तर: डॉ. सेठी ने सुधा को हिम्मत दी कि वह फिर से चल सकेगी। जब सुधा ने पूछा, “क्या मैं नाच सकूँगी?” तो डॉ. सेठी ने उत्साह से कहा, “क्यों नहीं, अगर तुम कोशिश करोगी तो सब कुछ हो सकता है।” उन्होंने सुधा के लिए अल्यूमिनियम से एक खास पैर बनाया जिसे वह आसानी से हिला-डुला सकती थी। इस विशेष पैर की मदद से सुधा को फिर से नृत्य करने की उम्मीद जगी और उनका हौसला बढ़ा।

(ग) सुधा पूरे भारत में कैसे लोकप्रिय हो गई?

उत्तर: सुधा ने कृत्रिम पैर के साथ नृत्य करना शुरू किया और इसमें सफल हुईं। उन्होंने सभी को दिखा दिया कि विकलांगता कोई बाधा नहीं होती अगर हमारा मन मजबूत हो। जब लोगों ने देखा कि एक पैर के साथ भी सुधा इतना अच्छा नृत्य कर सकती हैं, तो वे बहुत हैरान और प्रभावित हुए। सुधा की हिम्मत और कड़ी मेहनत की कहानी जल्द ही पूरे भारत में फैल गई। वे लोगों के लिए एक प्रेरणा बन गईं। उनके नृत्य को देखने के लिए लोग दूर-दूर से आते थे। इस तरह, सुधा पूरे भारत में प्रसिद्ध और लोकप्रिय हो गईं।

2. विलोम शब्द लिखो:

उत्तर:

आशा – निराशा।
कठिन – सरल।
आदर – अनादर।
अँधेरा – उजाला।
आकार – निराकार।
इच्छा – अनिच्छा।

3. सही चिह्न लगाओ:

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सुधा ने पूछा क्या मैं नाच सकूँगी डॉ. सेठी ने कहा क्यों नहीं प्रयास करो तो सब कुछ संभव है

उत्तर: सुधा ने पूछा, “क्या मैं नाच सकूँगी?” डॉ. सेठी ने कहा, “क्यों नहीं, प्रयास करो तो सब कुछ संभव है।”

4. क्या पहले, क्या बाद में:

नीचे सुधा चंद्रन के जीवन की कुछ घटनाएँ बताई गई हैं। इन्हें सही क्रम में लगाओ।

  • सुधा डॉ. सेठी से मिली।
  • सुधा नृत्य का फिर से प्रशिक्षण लेने लगी।
  • सुधा ने प्रीति के साथ नृत्य किया।
  • सुधा को अभिनय के लिए विशेष पुरस्कार मिला।
  • सुधा का पैर काटना पड़ा।
  • सुधा ने नृत्य विद्यालय में प्रवेश लिया।

उत्तर: सुधा चंद्रन के जीवन की घटनाओं का सही क्रम इस प्रकार है:

  1. सुधा ने नृत्य विद्यालय में प्रवेश लिया।
  2. सुधा का पैर काटना पड़ा।
  3. सुधा डॉ. सेठी से मिली।
  4. सुधा नृत्य का फिर से प्रशिक्षण लेने लगी।
  5. सुधा ने प्रीति के साथ नृत्य किया।
  6. सुधा को अभिनय के लिए विशेष पुरस्कार मिला।

5. एक चुनौती:

शारीरिक शब्द में एक साथ ि ी की मात्राओं का प्रयोग होता है। तुम भी ऐसे ही अन्य शब्द खोजो और यहाँ लिखो।

नमूना – विनती, शारीरिक, नीति

उत्तर:

गिरीश, सीमित, निरीक्षक
विहीन, किरीट, शीतल
लिखित, सिंचित, जिनीवा
मिलिए, विजित, तिमिर
बालिका, कीमती, निविदा

6. खोजबीन और बातचीत:

(क) सुधा के जीवन पर फ़िल्म बनी थी। कुछ अन्य व्यक्तियों के नाम पता करो और लिखो, जिनके जीवन पर फ़िल्में बनाई गई हों।

उत्तर: सुधा चंद्रन के जीवन पर ‘मयूरी’ नाम की फिल्म बनी थी। कुछ अन्य महान लोगों के जीवन पर बनी फिल्में हैं:

  • ‘भाग मिल्खा भाग’ – यह फिल्म मिल्खा सिंह नाम के प्रसिद्ध धावक (दौड़ने वाले) पर बनी थी, जिन्हें ‘फ्लाइंग सिख’ के नाम से जाना जाता था।
  • ‘मैरी कॉम’ – यह फिल्म भारत की महान महिला मुक्केबाज मैरी कॉम के जीवन पर आधारित है, जो छः बार विश्व चैंपियन रही हैं।
  • ‘दंगल’ – यह फिल्म पहलवान महावीर सिंह फोगाट और उनकी बेटियों गीता और बबीता फोगाट की कहानी है, जिन्होंने कुश्ती में भारत का नाम रोशन किया।
  • ‘सरदार उधम’ – यह फिल्म स्वतंत्रता सेनानी सरदार उधम सिंह के जीवन पर आधारित है।
  • ‘सुपर 30’ – इस फिल्म में आनंद कुमार की कहानी दिखाई गई है, जो गरीब बच्चों को IIT की तैयारी कराते हैं।

(ख) सुधा यात्रा के दौरान दुर्घटनाग्रस्त हुई थी। पता करो कि यात्रा के दौरान दुर्घटना से कैसे बचा जा सकता है? सावधानियों की सूची बनाओ।

उत्तर: यात्रा के दौरान दुर्घटनाओं से बचने के लिए ये सावधानियाँ बरतनी चाहिए:

  • सड़क के नियमों का पालन करें – सड़क पार करते समय दाएँ-बाएँ देखें और ट्रैफिक लाइट का पालन करें।
  • वाहन में सीट बेल्ट जरूर पहनें – चाहे आप आगे बैठे हों या पीछे, सीट बेल्ट हमेशा पहनें।
  • वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का इस्तेमाल न करें – यह ध्यान भटकाता है और दुर्घटना का कारण बन सकता है।
  • अपने वाहन की नियमित जाँच करवाएँ – ब्रेक, टायर, लाइट आदि ठीक होने चाहिए।
  • थके होने पर वाहन न चलाएँ – थकान से हमारा ध्यान कम हो जाता है।
  • तेज गति से वाहन न चलाएँ – हमेशा गति सीमा का पालन करें।
  • बरसात या कुहरे में सावधानी बरतें – ऐसे मौसम में धीमी गति से वाहन चलाएँ और हेडलाइट जलाएँ।

(ग) क्या तुम किसी विकलांग व्यक्ति को जानते हो? उसके बारे में बताओ।

उत्तर: मैं अपने मोहल्ले में रहने वाले रवि भैया को जानता हूँ जो विकलांग हैं। उनका एक पैर बचपन में पोलियो से प्रभावित हो गया था जिसके कारण वे बैसाखी के सहारे चलते हैं।

रवि भैया बहुत मेहनती और हौसले वाले इंसान हैं। वे अपनी विकलांगता को कभी बाधा नहीं मानते। उन्होंने अपनी पढ़ाई पूरी की और अब वे एक स्कूल में कंप्यूटर सिखाते हैं। वे हम सभी बच्चों को भी कंप्यूटर के बारे में बताते हैं।

रवि भैया खेल में भी रुचि रखते हैं और विकलांगों के लिए होने वाली क्रिकेट प्रतियोगिताओं में भाग लेते हैं। उन्होंने अपने राज्य का प्रतिनिधित्व भी किया है।

रवि भैया हमेशा मुस्कुराते रहते हैं और दूसरों की मदद करने के लिए तैयार रहते हैं। वे मुझे हमेशा कहते हैं कि जीवन में कोई भी चुनौती आए, हमें हिम्मत नहीं हारनी चाहिए। रवि भैया मेरे लिए और हमारे मोहल्ले के सभी लोगों के लिए एक प्रेरणा हैं।

(घ) कुछ ऐसे विकलांग व्यक्तियों के नाम लिखो जिन्होंने जीवन में विशेष सफलता प्राप्त की है।

उत्तर: कुछ प्रसिद्ध विकलांग व्यक्ति जिन्होंने जीवन में बड़ी सफलता पाई:

  • हेलन केलर – वे अंधी और बहरी थीं, फिर भी उन्होंने कई किताबें लिखीं और दुनिया भर में भाषण देकर लोगों को प्रेरित किया।
  • स्टीफन हॉकिंग – उन्हें एक बीमारी थी जिससे उनका पूरा शरीर पंगु हो गया था, लेकिन वे महान वैज्ञानिक बने और ब्रह्मांड के रहस्यों को समझाया।
  • सुधा चंद्रन – एक पैर खोने के बावजूद प्रसिद्ध नृत्यांगना बनीं।
  • अरुणिमा सिन्हा – ट्रेन से धक्का दिए जाने के कारण एक पैर खो दिया, फिर भी माउंट एवरेस्ट पर चढ़ने वाली पहली भारतीय विकलांग महिला बनीं।
  • सुंदरम – दोनों हाथ नहीं होने के बावजूद पैरों से बेहतरीन चित्र बनाते हैं और कई पुरस्कार जीत चुके हैं।
  • रवींद्र जैन – अंधे होने के बावजूद IAS अधिकारी बने और लोगों के लिए प्रेरणा हैं।

(ङ) भारत के कुछ नृत्यों और नर्तक/नर्तकियों के नाम पता करो और कक्षा में सबको बताओ।

उत्तर: भारत के प्रसिद्ध नृत्य और नर्तक/नर्तकियाँ:

  • भरतनाट्यम – तमिलनाडु का शास्त्रीय नृत्य
  • नर्तकियाँ: रुक्मिणी देवी अरुंडेल, मालविका सारुकाई, पद्मा सुब्रमण्यम
  • कथक – उत्तर भारत का शास्त्रीय नृत्य
  • नर्तक/नर्तकियाँ: बिरजू महाराज, सितारा देवी, उमा शर्मा, राजेंद्र गंगानी
  • कथकली – केरल का शास्त्रीय नृत्य
  • नर्तक: केलुचरण मोहापात्र, गोपीनाथ
  • ओडिसी – ओडिशा का शास्त्रीय नृत्य
  • नर्तकियाँ: सोनल मानसिंह, प्रोतिमा देवी, संयुक्ता पाणिग्रही
  • कुचिपुड़ी – आंध्र प्रदेश का शास्त्रीय नृत्य
  • नर्तक/नर्तकियाँ: राधा रेड्डी, यामिनी कृष्णमूर्ति
  • मणिपुरी – मणिपुर का शास्त्रीय नृत्य
  • नर्तकियाँ: झावेरी झाला, दरशना झवेरी

(च) पता करो भारत में मैग्सेसे पुरस्कार किन-किन व्यक्तियों को मिला है।

उत्तर: भारत के कुछ प्रमुख मैग्सेसे पुरस्कार विजेता:

  • विनोबा भावे – भूदान आंदोलन के लिए (1958 में)
  • मदर टेरेसा – गरीबों और बेसहारा लोगों की सेवा के लिए (1962 में)
  • डॉ. वर्गीज कुरियन – भारत को दूध उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाने के लिए, जिन्हें ‘श्वेत क्रांति के जनक’ के रूप में जाना जाता है (1963 में)
  • किरण बेदी – पुलिस और जेल सुधारों के लिए (1994 में)
  • अरविंद केजरीवाल – सूचना के अधिकार और सामाजिक कार्यों के लिए (2006 में)
  • संजीव चतुर्वेदी – भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई के लिए (2015 में)
  • अरुणा रॉय और निखिल डे – सामाजिक न्याय के लिए काम करने वाले (2000 में)
  • हरीश हांडे – लाखों बच्चों को मध्याह्न भोजन देने के लिए (2016 में)
Other Chapters
1. चिड़िया और चुरुंगुन
2. सबसे सुंदर लड़की
3. मैं हूँ रोबोट
4. गुब्बारे पर चीता
5. थोड़ी धरती पाऊँ
6. गारो
7. पुस्तकें जो अमर हैं
8. काबुलीवाला
9. विश्वेश्वरैया
10. हम धरती के लाल
11. पोंगल
12. शहीद झलकारीबाई
13. नृत्यांगना सुधा चंद्रन
14. पानी और धूप
15. गीत
16. मिट्टी की मूर्तियाँ
17. मौत का पहाड़ (केवल पढ़ने के लिए)
18. हम होंगे कामयाब एक दिन (केवल पढ़ने के लिए)

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